थानेसर के एकमात्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर खड़े हो रहे है हजारों की संख्या में वाहन, छात्राओं, शिक्षकों एवं स्कूल के निकटवर्ती स्थानीय लोगों का घर द्वार से बाहर निकलना हुआ दुश्वार

कुरुक्षेत्र थानेसर में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बाहर अवैध पार्किंग और प्रशासनिक लापरवाही से छात्राओं व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी।

हिंदी: Oct 9, 2025 - 22:40
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थानेसर के एकमात्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर खड़े हो रहे है हजारों की संख्या में वाहन, छात्राओं, शिक्षकों एवं स्कूल के निकटवर्ती स्थानीय लोगों का घर द्वार से बाहर निकलना हुआ दुश्वार

CURATED BY – ASHWINI WALIA CITYCHIEFNEWS

कुरुक्षेत्र, कुरुक्षेत्र थानेसर शहर में पुरानी सब्जी मंडी के निकटवर्ती स्थित एकमात्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वर्तमान में करीब 1600 छात्राएं एवं एक दर्जन से अधिक स्टाफ कार्यरत हैं। क्योंकि थानेसर शहर में लड़कियों का एकमात्र सरकारी स्कूल है जहां सुबह और शाम दो शिफ्टों मै करीब 1600 छात्राएं शिक्षा ग्रहण करना शहर के अतिरिक्त निकटवर्ती गांवों से यहां शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। क्योंकि छात्राओं की संख्या अधिक है इसलिए सुबह और शाम दो अलग अलग शिफ्टों में लड़कियां यहां शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। छात्राओं के विद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर मैंन बाजार की मुख्य सड़क तक शहर एवं दूर दराज इलाकों के दुकानदारों के वाहन सुबह से देर रात इस कदर यहां खड़े रहते हैं कि छात्राओं का दोपहर में अवकाश के समय उनका स्कूल के मुख्य द्वार से निकलना दुश्वार हो जाता है। ऐसा भी नहीं है कि (जो सिर्फ दस कदम की दूरी पर स्थित थानेसर शहर का थाना मौजूद है ) पुलिस वालो को इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है ( क्योंकि विद्यालय के प्राचार्य द्वारा जिला प्रशासन के साथ साथ पुलिस प्रशासन को भी यहां की अव्यवस्था बारे कई बार लिखा जा चुका है ) लेकिन आज तक पुलिस विभाग से यहां कोई भी पुख्ता आंदोबस्त नहीं किए गए, जबकि कुछ अर्से पूर्व तक पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार दिन भर दो पुलिसकर्मी यहां बकायदा ड्यूटी देते रहे हैं ताकि छात्राओं शिक्षकों एवं अन्य लोगों को कोई दिक्कत ना हो और छेड़खानी करने वालों पर सख्ती से नकेल भी कसी जा सके, लेकिन आजकल सब राम भरोसे ही चल रहा है। बता दें लड़कियों के स्कूल के मुख्य गेट के पास तीन ब्यूटी पार्लर हैं जहां  महिलाएं एवं लड़कियां हर समय भारी संख्या में यहां अपने काम के लिए आती हैं और वे जल्दबाजी में जहां तहां अपने वाहन आड़े तिरछे खड़े करके ब्यूटी पार्लर में चली जाती हैं इसके चलते भी यहां बहनों का जमावड़ा लगा रहता है। शहर के दुकानदार और दूर दराज से शहर में अपना जरूरी सामान लेने वाले दुकानदारों को भी मौका मिल जाता है वे भी जहां तहां अपने वाहन आड़े तिरछे खड़े कर जाते हैं जो देर रात तक खड़े रहते हैं जिसके चलते शहर में एकमात्र सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों एवं महिला शिक्षकों एवं यहां रहने वाले स्थानीय लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है।  राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि वे दो दर्जन से अधिक बार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को इस बारे लिखित में गुहार लगा चुके हैं लेकिन आज तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने यहां की दयनीय स्थिति को सुधारने की जहमत नहीं उठाई।
इसके अलावा दिन भर ई रिक्शा, ऑटो वाले तथा चारपहिया वाहन भी दिन भर भारी संख्या में बेरोकटोक घूमते रहते हैं 
उन्हें भी किसी अधिकारी का इसलिए भी कोई खौफ नहीं है क्योंकि उनकी यूनियन है। इसके अलावा अधिक दुकानदारों ने अपनी दुकानों की सीमा के कई कई फुट अपनी दुकानों का सामान रखा हुआ है 
 ताज्जुब तो इस बात का है कि नगर परिषद के अतिरिक्त पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यहां से हर रोज गुजरते हैं लेकिन किसी अधिकारी को क्या गरज पड़ी कि इस ओर ध्यान दें। किसी अधिकारी और पुलिसकर्मी के पास इतना समय नहीं है कि वे इस पचड़े में पड़े?  
अक्टूबर मास में अधिकतर त्यौहार हैं। बाजार में हर समय भारी भीड़ देखी जा सकती है लेकिन इसके निदान के लिए किसी भी अधिकारी को फुर्सत नहीं है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए कभी कभी तो इस बात का एहसास होने लगता है कि शहर के लोग लावारिस का सा जीवन व्यतीत कर रहे हैं क्योंकि यहां की दयनीय स्थिति की सुध लेने के लिए किसी भी जिम्मेवार अधिकारी को फुर्सत नहीं है। नगर परिषद के जिम्मेवार अधिकारी और पुलिस प्रशासन के जिम्मेवार अधिकारी यदि जमीनी स्तर पर उतर कर शहर का ईमानदारी से जायजा ले तो दूध का दूध और पानी का पानी स्वत: ही सामने आ जाएगा। काश समय रहते जिला प्रशासन इस विकराल समस्या का कोई समाधान निकालने की पहल करे जिससे आम आदमी को राहत मिले क्योंकि वर्तमान स्थिति में आम आदमी का पैदल तक निकलना मुहाल हो चला है।

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