कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा, मैनिट की रिपोर्ट में चिन्हित सभी त्रुटियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दूर किया जाए
दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने विभागीय समन्वय बैठक में सड़क सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट सुधार, सीपीआर प्रशिक्षण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की।
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद बना रहे। इसी उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्रृतकीर्ति सोमवंशी एवं वनमण्डलाधिकारी ईश्वर जरांडे के साथ मिलकर यह व्यवस्था बनाई गई है कि विभागीय समन्वय बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएँ। इस पहल को मजबूत करने के लिए कलेक्ट्रेट में “समन्वय शाखा” के नाम से एक नई शाखा की स्थापना की गई है।
उन्होंने बताया कि पिछली समन्वय बैठक सितंबर माह में हुई थी, जबकि आज पुनः व्यापक स्तर पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व, वन, पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी, परिवहन तथा निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस अवसर पर जिला सड़क सुरक्षा एवं यातायात समिति की बैठक भी संपन्न हुई। बैठक में जिले के 14 ब्लैक स्पॉट से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो मैनिट भोपाल से प्राप्त हुई है। मैनिट के प्रोफेसर एवं उनकी टीम ने मौके पर उपस्थित सभी अधिकारियों के समक्ष विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तुरंत कार्यवाही प्रारंभ कर दी है, ताकि ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित और सामान्य स्थिति में बदला जा सके।
कलेक्टर ने कहा एक अहम निर्णय लेते हुए सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मैनिट की रिपोर्ट में चिन्हित सभी त्रुटियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दूर किया जाए। इसके अलावा अन्य विभिन्न रिपोर्टों पर भी गहन चर्चा की गई।
बैठक में वन एवं राजस्व विभाग की भूमि सीमांकन, परिवहन, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उन्होंने कहा प्रशासन का प्रयास रहेगा कि ऐसी समन्वय बैठकें प्रत्येक माह आयोजित की जाएँ, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और जनहित में त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
पुलिस अधीक्षक श्रृतकीर्ति सोमवंशी ने कहा मैनिट भोपाल की टीम को धन्यवाद। हम उनके रिकमडेंशन पर कार्य करेंगे और एक से दो माह के भीतर सभी आवश्यक कार्रवाही सुनिश्वित कर लेंगे। बैठक के दौरान सीपीआर ट्रेनिंग के सबंध में भी चर्चा की गई, कहा गया अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही एक्सीडेंट जोन वाले गांवो के लोगों को भी इसका प्रशिक्षण दिलाया जायें।
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