बिहार में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल परिसर, भूमि पूजन में शामिल हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी
मस्तीचक, बिहार में RLJ अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल सामुदायिक केंद्र की नींव रखी गई, जो दुनिया का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल बनकर अंधापन खत्म करने और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में नया कदम है।
मस्तीचक, बिहार के सारण जिले में स्थित छोटे से गांव मस्तीचक में शनिवार 20 सितंबर 2025 को इतिहास रचा गया है। अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल की ओर से RLJ अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल सामुदायिक केंद्र का भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया है। इस खास मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह परियोजना मस्तीचक को दुनिया के सबसे बड़े एकल नेत्र अस्पताल परिसर का गढ़ बनाएगी। यह बिहार में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी को दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का नया मानक स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बिहार में नेत्रहीनता की चुनौती
बिहार, जहां करीब 13 करोड़ लोग रहते हैं, देश के सबसे खराब नेत्र स्वास्थ्य संकेतकों में से एक है। हर साल राज्य को लगभग 10 लाख मोतियाबिंद और नेत्र सर्जरी की जरूरत है, लेकिन मौजूदा सुविधाएं इसकी तुलना में बहुत कम हैं। डॉक्टरों की कमी, अपर्याप्त सुविधाओं और गरीबी के कारण लाखों लोग अनावश्यक रूप से नेत्रहीनता का शिकार हैं। यहां नेत्रहीनता सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवारों की आजीविका छीन लेता है, उन्हें और गरीबी में धकेलता है जिससे पीढ़ियों तक नुकसान पहुंचता है। इस चुनौती से निपटने के लिए एक ऐसा समाधान चाहिए जो न सिर्फ चिकित्सकीय हो, बल्कि सामाजिक और व्यवस्थित भी हो।
महिलाओं का सशक्तिकरण
2005 में पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की प्रेरणा से स्थापित अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल ने अब तक कई जिंदगियां बदली हैं।
इसकी उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
12 लाख से ज्यादा नेत्र सर्जरी, जिनमें 80% से अधिक मुफ्त।
बिहार के 25 जिलों में अस्पतालों, दृष्टि केंद्रों और आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए सेवाएं।
बिहार में आयुष्मान भारत का सबसे बड़ा प्रदाता बनकर गरीबों को विश्वस्तरीय नेत्र देखभाल प्रदान करना।
अखंड ज्योति सिर्फ नेत्र देखभाल तक सीमित नहीं है। इसका अनोखा 'फुटबॉल टू आईबॉल' कार्यक्रम ग्रामीण लड़कियों को फुटबॉल के जरिए आत्मविश्वास और सहयोग की भावना सिखाता है, साथ ही उन्हें ऑप्टोमेट्री में प्रशिक्षित करता है। यह कार्यक्रम लैंगिक भेदभाव को तोड़ता है और नई पीढ़ी की ऐसी 'आई केयर एक्सपर्ट' तैयार करता है, जो अपने समुदायों के लिए रोल मॉडल बन रही हैं।
हर साल 5 लाख सर्जरी का लक्ष्य
नया RLJ अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल सामुदायिक केंद्र हर साल 3 लाख मुफ्त सर्जरी करने की क्षमता रखेगा। अखंड ज्योति का विजन 2030 लक्ष्य है कि बिहार में हर साल कुल 5 लाख सर्जरी की जाएं, जो राज्य की आधी जरूरत को पूरा करेगा। इसके अलावा, इस साल शुरू हुई AI-आधारित हेल्दी आइज कैंपेन के तहत बिहार के 1.2 करोड़ लोगों की आंखों की जांच की जाएगी। यह नया अस्पताल परिसर रोकथाम, जल्दी पता लगाने और सभी के लिए सस्ते इलाज का एक व्यवस्थित समाधान है।
'एक आंदोलन की शुरुआत'
अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल के सह-संस्थापक और ट्रस्टी मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'यह सिर्फ एक अस्पताल की नींव नहीं है, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है। अंधेपन को खत्म करके और महिलाओं को सशक्त बनाकर हम न सिर्फ बिहार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों तक लाना चाहते हैं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक मिसाल कायम करना चाहते हैं।' बता दें कि अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल, युग्रिशि श्रीराम शर्मा आचार्य चैरिटेबल ट्रस्ट की एक इकाई है, जिसका मुख्यालय मस्तीचक, सरण, बिहार में है। 2005 में स्थापित यह भारत के सबसे बड़े नेत्र अस्पतालों में से एक है।
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