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शाजापुर, शहर में चल रहे सीवरेज परियोजना के तहत ड्रेनेज लाइन डालने के काम में अब चीलर नदी के बीच से पोकलेन से खुदाई करके ड्रेनेज लाइन डाली जा रही है। बताया जाता है कि दो स्थानों पर डे्रनेज लाइन डालकर इसे सीधे प्लांट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए चीलर नदी में पोकलेन से खुदाई करके जगह बनाई जाकर काम किया जा रहा है।

गौरतलब है कि शहर में मल जल परियोजना के तहत ड्रेनेज लाइन डालने का काम किया जा रहा है। योजना के अनुसार ड्रेनेज लाइन डालने से शहर में नालियों में गंदगी बहना बंद हो जाएगी। इसी परियोजना के तहत शहर के डांसी रोड़ से किले के पास नदी के बीच से लाइन डाली जा रही है। इसके लिए कंपनी द्वारा पोकलेन से खुदाई की गई। बाद में लाइन डालने के लिए सिमेंट-कांक्रीट का बेस बनाया गया। इसके बाद लाइन डाली गई। वहीं नदी के दोनों छोर पर चेंबर भी बनाएं गए। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार चीलर नदी पर मुरादपुरा रोड को सपरीपुरा से जोडऩे के लिए जो पुल बना हुआ है उस पुल के दूसरी ओर भी नदी के बीच से डे्रनेज लाइन डाली जाएगी। इससे गंदगी को सीधे प्लांट पर पहुंचाया जाएगा।  

अभी मुसबीत बना ड्रेनेज लाइन डालने का काम
इससे नदी भी साफ होगी, लेकिन अभी नगर में चल रहा ड्रेनेज लाइन डालने का काम सभी के लिए मुसीबत बना हुआ है। पूरे शहर की सडक़ों की हालत बद से बदतर हो गई है। कई जगह पर तो एक बार खुदाई करके मेन लाइन डालने के बाद उसका पेंचवर्क किया जाकर दोबारा खुदाई करके फिर से छोटी लाइन भी डाली जा रही है। इसके चलते सडक़ों से निकलना दुभर हो गया है। आवागमन मेें आ रही परेशानी के चलते लोगों में आक्रोश पनपने लगा हैं। सभी का कहना है कि जल्द से जल्द इस काम को पूरा कराया जाकर सडक़ों की दशा सुधारी जाए। ताकि परेशानी से राहत मिल सके।

मावठे के कारण किचड़ और फिर धूल-मिट्टी से बढ़ गई परेशानी 
शहर में गत दिनों मावठा बरसा। इससे किसानों को राहत मिली, लेकिन शहर की सडक़ें जो ड्रेनेज लाइन डालने के कारण खुदी हुई पड़ी थी उन पर किचड़ फैल गया। किचड़ के कारण पहले तो लोगों को निकलने में परेशानी हुई। कई बार वाहन फिसलते रहे। इसके बाद जब मौसम खुला और सडक़ का किचड़ सुख गया तो धूल और मिट्टी ने हालत खराब कर रखी है। पूरे दिन सडक़ों पर धूल-मिट्टी उडऩे से आसपास के प्रतिष्ठान संचालक, रहवासियों और यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।  

इनका कहना है 
चीलर नदी के बीच से दो जगह ड्रेनेज लाइन को आरपार निकाला जा रहा है। इसे प्लांट से कनेक्ट किया जाएगा। अभी काम तेज गति से चल रहा है। अप्रैल तक काम को पूरा किया जाएगा।